जनवरी 2026 में चांदी ₹3.30 लाख के पार — क्या ये तेजी पूरे 2026 चलेगी या अब गिरावट तय है?
जनवरी 2026 में चांदी ₹3.30 लाख के पार — क्या ये तेजी पूरे 2026 चलेगी या अब गिरावट तय है?
Publish Date: 21 January 2026
Source: GoldShub Research Team | 10+ Years Bullion Market Tracking
![]() |
| जनवरी 2026 में चांदी ने ₹3.30 लाख का स्तर पार कर ऐतिहासिक तेजी दर्ज की |
जनवरी 2026 ने भारतीय सर्राफा बाजार को चौंका दिया है। जहां साल की शुरुआत में चांदी ₹2.3–₹2.5 लाख प्रति किलोग्राम के दायरे में थी, वहीं कुछ ही हफ्तों में इसमें ₹85,000 से ₹1,00,000 तक की ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली।
फिलहाल भारत में चांदी लगभग ₹3.30 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX पर सिल्वर $94–$95 प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी है।
इसी बीच निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है — क्या यह तेजी पूरे 2026 में बनी रहेगी, या यह किसी बड़ी गिरावट से पहले का संकेत है?
इस विस्तृत विश्लेषण में हम जनवरी 2026 की चांदी रैली, तेजी के वास्तविक कारण, संभावित जोखिम, 2026 का प्राइस फोरकास्ट और निवेश रणनीति को डेटा, रिपोर्ट्स और मार्केट रिसर्च के आधार पर समझेंगे।
जनवरी 2026 में चांदी की रैली: आखिर हुआ क्या?
![]() |
| जनवरी 2026 में भारत में चांदी की कीमतों में 20 दिनों के भीतर 35–40 प्रतिशत की ऐतिहासिक तेजी का चार्ट |
जनवरी 2026 की शुरुआत में चांदी ₹2.3–₹2.5 लाख प्रति किलोग्राम के बीच थी, लेकिन महीने के अंत तक यह ₹3.30 लाख के स्तर को पार कर गई।
इसका अर्थ है कि केवल 20–25 दिनों में लगभग 35–40% की तेज उछाल दर्ज की गई, जो हाल के दशकों में बहुत कम देखने को मिली है।
- कुछ मंडियों में ₹85,000 तक की तेजी
- कुछ स्पॉट मार्केट्स में ₹1 लाख से अधिक का उछाल
यह रैली अचानक नहीं आई, बल्कि इसके पीछे वैश्विक, औद्योगिक और घरेलू सभी स्तरों पर मजबूत कारण रहे।
उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में स्थानीय दरों को आप UP Silver Rate Today पेज पर भी ट्रैक कर सकते हैं।
तेजी के मुख्य कारण (Why Silver Exploded in January 2026)
1. भू-राजनीतिक तनाव और Safe-Haven डिमांड
2026 की शुरुआत में अमेरिका-ईरान तनाव, यूरोप में ट्रेड वॉर की आशंकाएं और वैश्विक राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ी।
इसका सीधा असर यह हुआ कि निवेशकों ने Safe-Haven Assets की ओर रुख किया। जहां पहले केवल गोल्ड को सुरक्षित माना जाता था, अब चांदी को “Affordable Safe Haven” के रूप में देखा जाने लगा।
इसी वजह से कई निवेशक गोल्ड के साथ-साथ सिल्वर को भी लॉन्ग-टर्म पोर्टफोलियो में जोड़ रहे हैं।
2. इंडस्ट्रियल डिमांड में विस्फोट
आज चांदी का उपयोग केवल आभूषणों तक सीमित नहीं है। Solar Panels, Electric Vehicles (EV), Electronics और AI सेक्टर में चांदी की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है।
एक Electric Vehicle में औसतन 40–50 ग्राम चांदी का उपयोग होता है। ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन ने सिल्वर को एक Strategic Metal बना दिया है।
3. ग्लोबल सिल्वर सप्लाई डेफिसिट (5वां लगातार साल)
सिल्वर मार्केट पिछले पांच वर्षों से लगातार सप्लाई डेफिसिट में है। 2026 में भी अनुमान है कि 100 मिलियन औंस से अधिक की कमी बनी रहेगी।
माइनिंग प्रोडक्शन लगभग पीक पर पहुंच चुका है, जबकि नई खदानों की गति धीमी है।
4. भारत की मजबूत घरेलू मांग
भारत ने 2025 में लगभग 6,000 टन चांदी का आयात किया, जो वैश्विक सप्लाई का बड़ा हिस्सा है।
रुपये की कमजोरी और निवेश डिमांड ने घरेलू कीमतों को और ऊपर धकेला।
जो निवेशक विस्तार से समझना चाहते हैं कि चांदी में निवेश कैसे करें, वे यह गाइड जरूर पढ़ें।
वर्तमान चांदी कीमत (21 जनवरी 2026)
- ₹330 प्रति ग्राम
- ₹3,30,000 प्रति किलोग्राम
Source: GoodReturns, MCX, IBJA
2026 में चांदी का रेट गिरेगा या बढ़ेगा?
![]() |
| GoldShub विश्लेषण: 2026 में चांदी की कीमत पर बुलिश और बेयरिश परिदृश्य का तुलनात्मक चार्ट |
2026 में चांदी का रुझान पूरी तरह Bearish नहीं है। हालांकि Short-Term में 20–30% करेक्शन संभव है, लेकिन इंडस्ट्रियल डिमांड और सप्लाई डेफिसिट के कारण Long-Term आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है।
लंबी अवधि के दृष्टिकोण से, चांदी को गोल्ड के साथ रिटायरमेंट प्लानिंग और पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन में भी देखा जा रहा है।
क्या यह तेजी पूरे 2026 चलेगी? (Bullish Case)
कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 में चांदी की तेजी जारी रह सकती है, हालांकि इसकी रफ्तार जनवरी 2026 जैसी तेज नहीं रहेगी।
- सप्लाई डेफिसिट बना रहेगा
- EV और ग्रीन एनर्जी सेक्टर की डिमांड बढ़ेगी
- Silver ETFs में संस्थागत निवेश बढ़ रहा है
2026 के लिए प्राइस फोरकास्ट
- GlobalData: ₹3.8 – ₹4.6 लाख
- Motilal Oswal / Axis: ₹2.4 – ₹3.2 लाख
- Global Analysts: $175 – $220 प्रति औंस
- LBMA Survey: औसत $79+, कई $100+
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए Silver Price Forecast 2035 एक महत्वपूर्ण संदर्भ हो सकता है।
गिरावट के जोखिम: क्या करेक्शन तय है?
इतनी तेज रैली के बाद करेक्शन आना सामान्य माना जाता है। जोखिम मौजूद हैं, लेकिन Panic की जरूरत नहीं है।
- RSI ओवरबॉट ज़ोन में
- तेज प्रॉफिट बुकिंग की संभावना
- वैश्विक आर्थिक सुस्ती
- रुपये की मजबूती
इतिहास बताता है कि चांदी में 20–30% करेक्शन आम बात है। 2026 में ₹2.5–₹2.8 लाख तक गिरावट संभव है।
ICICI Direct: “2026 में मॉडरेशन संभव है, लेकिन शार्प रिवर्सल की संभावना कम है।”
2026 के लिए संभावित परिदृश्य
- Bullish: ₹3.5 – ₹4.5 लाख
- Moderate: ₹3 – ₹3.8 लाख
- Bearish: ₹2.5 – ₹3 लाख
निवेश सलाह: 2026 में क्या करें?
- लॉन्ग-टर्म निवेशक गिरावट पर खरीदारी करें
- शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स स्टॉप-लॉस जरूर रखें
- फिजिकल सिल्वर, ETFs और MCX Futures विकल्प हो सकते हैं
- पोर्टफोलियो का केवल 5–10% ही चांदी में रखें
यदि आप बड़े लक्ष्य के लिए निवेश कर रहे हैं, तो यह ₹5 लाख से ₹40 लाख पोर्टफोलियो प्लान भी उपयोगी हो सकता है।
निष्कर्ष
जनवरी 2026 की चांदी रैली ऐतिहासिक जरूर है, लेकिन यह पूरी तरह सट्टा नहीं, बल्कि मजबूत फंडामेंटल्स पर आधारित दिखाई देती है।
2026 में अवसर मौजूद हैं, लेकिन संतुलन, अनुशासन और सही रणनीति के साथ निवेश करना ही समझदारी होगी।
गोल्ड और सिल्वर दोनों के लेटेस्ट रेट्स के लिए Today Gold Price और सिल्वर अपडेट्स नियमित रूप से चेक करें।
Disclaimer: यह लेख केवल शैक्षणिक और सूचना उद्देश्य से लिखा गया है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


