₹1.56 लाख से ₹3 लाख? 2025–2030 गोल्ड प्राइस ट्रेंड और 2030 की असली भविष्यवाणी
अपडेट: 2026 | स्रोत: GoldShub Research
आज के समय में जब महंगाई लगातार बढ़ रही है और फिक्स्ड रिटर्न वाले निवेश विकल्प वास्तविक लाभ नहीं दे पा रहे हैं, तब चांदी में निवेश एक स्मार्ट और किफायती विकल्प के रूप में उभर रहा है। यदि आप शुरुआती निवेशक हैं और पहली बार चांदी में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो यह गाइड आपके लिए है।
चांदी केवल आभूषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण धातु है। इसी कारण भविष्य में इसकी मांग और बढ़ने की संभावना है।
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| चांदी में निवेश के 6 तरीके फिजिकल सिल्वर ETF डिजिटल सिल्वर |
यह चांदी में निवेश का सबसे पुराना और सरल तरीका है। आप प्रमाणित ज्वेलर या बैंक से चांदी के सिक्के या बार खरीद सकते हैं।
सिल्वर ETF शेयर बाजार के माध्यम से खरीदा और बेचा जाता है। इसमें आपको फिजिकल चांदी रखने की आवश्यकता नहीं होती।
मोबाइल ऐप्स के जरिए छोटी राशि से भी चांदी खरीदी जा सकती है। शुरुआती निवेशकों के लिए यह एक आसान एंट्री विकल्प है।
ये फंड अप्रत्यक्ष रूप से सिल्वर ETF में निवेश करते हैं। यदि आप रोज़ाना बाजार को ट्रैक नहीं करना चाहते, तो यह विकल्प उपयुक्त हो सकता है।
यह विकल्प अनुभवी ट्रेडर्स के लिए होता है। शुरुआती निवेशकों के लिए इसमें जोखिम अधिक होता है।
⚠ शुरुआती निवेशकों को इससे बचना चाहिए
ज्वेलरी के रूप में चांदी में निवेश संभव है, लेकिन मेकिंग चार्ज और वेस्टेज के कारण यह शुद्ध निवेश के लिए आदर्श नहीं मानी जाती।
यदि आप नए निवेशक हैं, तो:
| बिंदु | चांदी | सोना |
|---|---|---|
| कीमत | कम | ज्यादा |
| उतार-चढ़ाव | ज्यादा | कम |
| औद्योगिक मांग | उच्च | कम |
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चांदी में निवेश पर कैपिटल गेन टैक्स लगता है। फिजिकल सिल्वर और सिल्वर ETF दोनों के लिए टैक्स नियम अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए निवेश से पहले टैक्स नियम समझना जरूरी है।
हां, यदि आप लॉन्ग टर्म सोच और धैर्य के साथ निवेश करते हैं, तो चांदी एक मजबूत और किफायती निवेश विकल्प हो सकती है।
हां, यदि आप भरोसेमंद स्रोत से फिजिकल सिल्वर या सिल्वर ETF खरीदते हैं और लॉन्ग टर्म नजरिया रखते हैं, तो यह सुरक्षित माना जाता है।
फिजिकल चांदी के सिक्के/बार और सिल्वर ETF शुरुआती निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प हैं।
डिजिटल सिल्वर मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खरीदी जाती है, जिसमें छोटी राशि से निवेश शुरू किया जा सकता है।
चांदी कम कीमत में एंट्री देती है, जबकि सोना ज्यादा स्थिर माना जाता है। पोर्टफोलियो संतुलन के लिए दोनों में निवेश बेहतर होता है।
डिजिटल सिल्वर ₹500–₹1000 से शुरू की जा सकती है, जबकि फिजिकल सिल्वर के लिए ₹5000–₹10,000 उपयुक्त मानी जाती है।
ETF सीधे चांदी की कीमत से जुड़ा होता है, जबकि म्यूचुअल फंड अप्रत्यक्ष रूप से ETF में निवेश करता है।
निवेश के उद्देश्य से ज्वेलरी सीमित रूप से ही उपयुक्त है, क्योंकि इसमें मेकिंग चार्ज अधिक होते हैं।
हां, चांदी पर कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है। निवेश से पहले टैक्स नियम समझना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। निवेश से पहले स्वयं रिसर्च अवश्य करें।