₹1.56 लाख से ₹3 लाख? 2025–2030 गोल्ड प्राइस ट्रेंड और 2030 की असली भविष्यवाणी
नमस्ते! अगर आप बैंक FD से बेहतर रिटर्न चाहते हैं, लेकिन शेयर बाजार की रोज़-रोज़ की उठापटक से दूर रहना चाहते हैं, तो NCD (Non-Convertible Debentures) आपके लिए एक बीच का रास्ता बन सकते हैं।
खासतौर पर 2025 में गोल्ड लोन कंपनियों के NCD निवेशकों के बीच तेजी से चर्चा में आए हैं। वजह साफ है – सोने की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर हैं और गोल्ड-बैक्ड लोन का बिज़नेस मॉडल पहले से ज्यादा मजबूत दिख रहा है।
दिसंबर 2025 में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,39,000 से ₹1,40,000 प्रति 10 ग्राम के बीच बनी हुई है। कुछ शहरों में यह ₹1,38,000 के आसपास भी रिकॉर्ड की गई।
अगर आप जानना चाहते हैं कि सोना भारतीयों की पहली पसंद क्यों रहा है, तो यह लेख जरूर पढ़ें – सोना क्यों है भारतीयों की पहली पसंद?
जब सोने की कीमत बढ़ती है, तो उसका सीधा असर गोल्ड लोन कंपनियों पर पड़ता है:
इसी वजह से मुथूट, IIFL और मनप्पुरम जैसी कंपनियों के NCD 2025 में निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।
NCD यानी Non-Convertible Debentures एक ऐसा डेब्ट इंस्ट्रूमेंट है जिसमें कंपनी निवेशकों से पैसा उधार लेती है और तय ब्याज (Fixed Interest) देती है।
ये शेयर में कन्वर्ट नहीं होते, इसलिए:
अगर आप Gold Investment की पूरी बेसिक गाइड समझना चाहते हैं, तो यह पोस्ट आपकी foundation मजबूत करेगी – Gold Investment Guide – Beginners के लिए
यही कारण है कि FD से बेहतर लेकिन Equity से कम रिस्क वाले निवेशक NCD को पसंद करते हैं।
2025 में सोने की कीमत सिर्फ निवेश का विषय नहीं रही, बल्कि गोल्ड लोन इंडस्ट्री का backbone बन चुकी है।
अगर आप भविष्य के गोल्ड प्राइस ट्रेंड समझना चाहते हैं, तो यह लेख मददगार होगा – 2025–2030 Gold Price Prediction India
इसी मजबूत बैकग्राउंड की वजह से 2025 में गोल्ड लोन NBFC का बिज़नेस मॉडल अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जा रहा है।
RBI ने जून 2025 में गोल्ड लोन सेक्टर को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए नई गाइडलाइंस जारी कीं।
निष्कर्ष: ग्रोथ थोड़ी स्लो हो सकती है, लेकिन NCD निवेशकों के लिए यह पॉजिटिव संकेत है।
गोल्ड लोन सेक्टर में अगर किसी एक नाम पर सबसे ज्यादा भरोसा किया जाता है, तो वह है मुथूट ग्रुप। लेकिन निवेश के नजरिए से यह समझना बेहद जरूरी है कि मुथूट सिर्फ एक कंपनी नहीं, बल्कि अलग-अलग कानूनी इकाइयों (entities) का समूह है।
यह कंपनी conservative lending, strict LTV और strong auction recovery के लिए जानी जाती है। इसी वजह से इसे सेक्टर की सबसे सुरक्षित NBFC माना जाता है।
Fincorp का रिटर्न Muthoot Finance से थोड़ा ज्यादा है, लेकिन रिस्क भी उसी अनुपात में थोड़ा बढ़ जाता है।
सच्चाई: Mercantile का रिटर्न सबसे ज्यादा था, लेकिन BBB रेटिंग के कारण यह केवल high-risk aware investors के लिए ही उपयुक्त था।
IIFL की सबसे बड़ी ताकत इसका diversified loan portfolio है – गोल्ड, होम और MSME। इससे रिस्क spread हो जाता है, लेकिन pure gold-backed safety थोड़ी कम हो जाती है।
अगर आप आज के लेटेस्ट गोल्ड रेट देखना चाहते हैं, तो यह पेज मददगार रहेगा – आज का सोने का भाव (Kanpur)
मनप्पुरम का पिछला public NCD ~10% के आसपास रहा। कंपनी धीरे-धीरे ग्रोथ पर फोकस कर रही है, लेकिन फिलहाल नए निवेश का ऑप्शन उपलब्ध नहीं है।
Positive Point: ये NCD secured होते हैं, इसलिए unsecured bonds की तुलना में capital protection बेहतर रहती है।
रिटर्न के हिसाब से हां, लेकिन रिस्क FD से ज्यादा होता है।
नहीं, क्योंकि LTV margin और auction recovery मौजूद रहती है।
AA+ या AA rated NCD, limited allocation के साथ।
Interest आपकी income tax slab के अनुसार taxable होता है।
Rating, YTM और liquidity देखकर ही खरीदें।
FY26 में Manappuram और IIFL के नए issues संभव हैं।
कुल निवेश का 10–20% से ज्यादा नहीं।
India में Gold Price Crash History
2025 में जब सोना ₹1.36–1.40 लाख के दायरे में है, तब गोल्ड लोन कंपनियों के NCD attractive but not risk-free हैं।
सही रेटिंग, सही कंपनी और सीमित allocation – यही NCD निवेश का गोल्डन रूल है।
👉 अगर यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो Like और Share जरूर करें।
GoldShub पर ऐसे ही रिसर्च-आधारित और ईमानदार कंटेंट मिलते रहेंगे।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश से पहले कंपनी का prospectus, credit rating report और अपने financial advisor से सलाह जरूर लें।