Best Gold Loan in India 2026 – SBI vs HDFC vs ICICI vs Muthoot Comparison, Interest Rate & Loan Amount
Updated: 2025 — GoldShub द्वारा लिखा गया।
Meta description: BIS हॉलमार्क 2025 — सीखें कैसे पहचानें असली हॉलमार्क, HUID वेरिफिकेशन, 5 निशानों की पूरी जानकारी और 2025 अपडेट्स। खरीदते समय ये गलतियाँ न करें।
भारत में सोना और चांदी सिर्फ गहना नहीं — यह सुरक्षा, सम्मान और निवेश का प्रतीक है। लेकिन मिलावट और नकली हॉलमार्क जैसी समस्याएँ अभी भी हैं। इस गाइड में हमने 2025 के अपडेट्स के साथ सरल भाषा में बताया है कि BIS हॉलमार्क क्या है, इसे कैसे देखें, और खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें।
BIS ने भारत में हॉलमार्किंग से जुड़ी मानक प्रक्रियाएँ लागू कर के उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत किया। प्रमुख माइलस्टोन्स:
BIS हॉलमार्क यह पुष्टि करता है कि ज्वेलरी में इस्तेमाल की गई धातु (गोल्ड/सिल्वर) मानक शुद्धता के अनुसार है। उदाहरण:
यदि इनमें से कोई भी निशान गायब या अस्पष्ट है, ज्वेलरी की प्रमाणिकता पर शक करें।
मिथ: हॉलमार्क वाली ज्वेलरी हमेशा महंगी होती है।
सच: प्रीमियम मामूली होता है; सुरक्षा ज्यादा मायने रखती है।
मिथ: चमक देखकर प्योरिटी पता चल जाती है।
सच: गलत — वैज्ञानिक टेस्ट ही भरोसेमंद हैं।
मिथ: हर हॉलमार्क असली होता है।
सच: नकली अंकन भी मिलते हैं — HUID वेरिफाइ ज़रूरी है।
Q1: क्या हर ज्वेलरी पर हॉलमार्क ज़रूरी है?
A: हाँ, बिना हॉलमार्क बेचना गैरकानूनी है।
Q2: HUID क्या है?
A: हर हॉलमार्केड ज्वेलरी पर अंकित यूनिक 6-अंकीय कोड।
Q3: क्या पुरानी ज्वेलरी हॉलमार्क कराई जा सकती है?
A: जी हाँ — AHC टेस्ट के बाद संभव है।
Q4: अगर प्योरिटी कम निकलती है तो?
A: ज्वेलर को रिफंड या रिप्लेसमेंट देना होगा (BIS नियम के अनुसार)।
सोना केवल गहना नहीं — यह जीवनभर की सुरक्षा है। इसलिए खरीदी करते समय HUID चेक करना, बिल लेना और केवल अधिकृत ज्वेलर से ही खरीदना बहुत जरूरी है।
Sources: