आज का सोने का भाव ( 15 जनवरी 2026) – Kanpur Gold Rate Today | 24K, 22K, 18K Price
भारत में जब भी किसी व्यक्ति को बड़ी आर्थिक ज़रूरत पड़ती है — घर खरीदना, घर बनवाना, शादी, इलाज या emergency — तो सबसे पहले दिमाग में Loan का नाम आता है।
लेकिन बिना तुलना किए लिया गया loan आने वाले कई सालों तक EMI का दबाव और financial stress बन सकता है।
2025 में सबसे ज़्यादा compare किए जाने वाले दो loan हैं:
इस लेख में हम December 2025 की ground reality के आधार पर बताएँगे कि कौन-सा loan कब सही है — और कहाँ लोग सबसे ज़्यादा गलती करते हैं।
Home Loan एक secured loan होता है, जिसमें खरीदा गया घर ही बैंक के पास collateral रहता है।
Home Loan सिर्फ कर्ज नहीं, बल्कि long-term asset creation का तरीका है।
Important Note:
Advertised rates केवल 780+ CIBIL और strong profile वालों को मिलती हैं।
अधिकांश लोगों के लिए sanctioned rate 7.50% – 8.75% रहती है।
अमित (कानपुर) ने ₹50 लाख का घर खरीदा:
➡ EMI लगभग ₹33,500 – ₹35,000
20 साल बाद पूरा घर उसका होता है।
Personal Loan एक unsecured loan है। Approval fast होता है लेकिन interest ज़्यादा।
| Point | Home Loan | Personal Loan |
|---|---|---|
| Security | घर गिरवी | कोई नहीं |
| Interest | कम | ज़्यादा |
| Tenure | 15–30 साल | 1–5 साल |
| Tax Benefit | हाँ | नहीं |
| EMI Stress | कम | ज़्यादा |
नहीं। Home Loan तभी बेहतर है जब उद्देश्य घर खरीदना या बनवाना हो। छोटी या emergency ज़रूरत के लिए Personal Loan ज़्यादा practical हो सकता है, लेकिन cost ज़्यादा होती है।
Personal Loan unsecured होता है, इसमें कोई collateral नहीं लगता। इसी वजह से documentation कम और approval fast होता है, लेकिन interest rate ज़्यादा रखा जाता है।
अधिकांश banks floating rate Home Loan पर कोई prepayment penalty नहीं लगाते। फिर भी sanction letter ज़रूर check करना चाहिए।
हाँ। Home Loan और Personal Loan दोनों के लिए 700+ CIBIL score जरूरी होता है। 780+ score पर बेहतर interest rate मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
नहीं। यह एक गलत financial decision माना जाता है, क्योंकि Personal Loan का interest ज़्यादा होता है और EMI burden और बढ़ जाता है।
हाँ। अगर आपके पास सोना है, तो Gold Loan का interest आमतौर पर Personal Loan से कम होता है और approval भी तेज़ मिलता है।
Income Tax Act के तहत Home Loan के principal और interest पर Section 80C और 24(b) के अंतर्गत tax benefit मिलता है।
EMI pressure के हिसाब से Personal Loan ज़्यादा risky माना जाता है, खासतौर पर unstable income वालों के लिए। Home Loan long-term में comparatively stable होता है।
यह लेख केवल educational purpose के लिए है। GoldShub.com किसी loan product को sell या guarantee नहीं करता।
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– GoldShub Team